Saturday, October 08, 2005

बाप-भाई ज़रा ध्यान दें!

भईया, दिल्ली हाईकोर्ट ने अनूठा फैसला कर डाला है। माननीय न्यायालय ने कहा है कि 15 साल की लड़की शादी लायक होती है। इतना ही नहीं,अगर वो अपनी मर्ज़ी से शादी करती है,तो किसी के बाप में इतनी ताकत नहीं कि उसे गैरकानूनी कहे (हमारे शब्दों में व्याख्या)। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि प्यार अंधा होता है,लिहाजा प्यार पर किसी का जोर नहीं। कोर्ट ने अपने फैसले में मुहब्बत और जंग में सब जायज़ है, जैसी पंक्ति का भी इस्तेमाल किया है।कुल मिलाकर कोर्ट का कहना है कि 15 साल की बालिक अपनी शादी का फैसला कर सकती है और अगर वो अपनी मर्जी से किसी शख्स से शादी करती है, तो वो वाजिब और कानूनी है। अब, फैसला आ गया है तो वो बाप और भाई जरा सावधान हो जाएं, तो अपनी बेटियों और बहनों को छोटी नादान समझकर चिंता नहीं कर रहे थे। इसके अलावा, उनके पास पुलिस की मदद लेने का विकल्प भी खुला था। अब,आपने शिकायत की...तो पुलिस आप को ही धर लेगी।

कोर्ट का ये फैसला कर दिया लेकिन कुछ साल देरी से। कुछ साल पहले कर दिया होता तो वो बचपन की मुहब्बत हमें भी नसीब हो गई होती...। बचपन में हमने तीन बार प्रेम किया और हर उम्र से जुड़ा कुछ लफड़ा हमारे साथ हो गया। हमारी पहली प्रेमिका ने ये कहकर मना कर दिया कि वो अभी शादी लायक नहीं है। दूसरी प्रेमिका ने कहा कि अगर शादी की तो भईया मेरे तो हाथ पैर तोड़ ही देंगे, तुम्हारी भी जान ले लेंगे। पहले दो अनुभवों से सबक लेकर हमने जब तीसरी प्रेमिका का चुनाव किया तो सभी बातों का पूरा ख्याल रखा था..लेकिन उसमें भी लोचा हो गया।दरअसल,तीसरी प्रेमिका के बालिग होने का इंतजार करते करते इतना वक्त बीत गया कि वो एक सिलेंडर बेचने वाले के साथ भाग गई।

कोर्ट ने ये शानदार फैसला अब दिया है,तो अपने जैसे सैकड़ों प्रेमी इसका स्वागत ही करेंगे।